The Basic Principles Of Dosti Shayari

वह दोस्तों के साथ बिताया बचपन भी कितना प्यारा था

क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार नहीं आता।

सच्ची दोस्ती के लिए सबसे अच्छी शायरी कौन सी है?

कोई निभाने वाला हो तो दुनिया याद करती है।

थे तो कमीने, लेकिन रौनक भी उन्हीं से थी।

ये वो रिश्ता है, जो समय के साथ और भी गहरा होता जाता है।

यूँ तो पूरी ज़िंदगी पड़ी है पैसे कमाने को

वो मुस्कान भी Dosti Shayari अब हमारे लिए बस दर्द सा लगता है।

ਪਰ ਦੋਸਤ ਜਿਹੜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਛੂਹ ਜਾਵੇ, ਵਖਰਾ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਏ।

कभी दोस्ती भी इतनी अनमोल होती है कि वो रिश्ते से भी बढ़कर होते हैं।

तेरी दोस्ती से ज्यादा सुकून कहीं नहीं,

पर पुराने दोस्तों की जगह कोई नहीं लेता।

“दोस्त बोलें, ‘चलो घूमते हैं’, मगर पर्स कहे, ‘चलो घर चलते हैं।’”

Irrespective of whether it’s an outdated friendship or even a newly fashioned jigri dost, these shayaris assist us notice the value of selfless adore and loyalty which will go beyond enmity or misunderstanding.

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